मोटिवेशनल शायरी
| Motivational शायरी हिन्दी में |
सफ़र में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो
सभी हैं भीड़ में, तुम भी निकल सको तो चलो
किसीके वासते राहें कहाँ बदलती हैं
तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो
यहाँ किसीको कोई रासता नहीं देता
मुझे गिराके अगर तुम सम्भल सको तो चलो
यही है ज़िंदगी, कुछ ख़ाक चंद उम्मीदें
इन्ही खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
मोटिवेशनल शायरी
जिंदगी जीने का मकसद खास होना चाहिए
और अपने आप पर विश्वास होना चाहिए
जीवन में खुशियों की कोई कमी नहीं होती
बस जीने का अंदाज़ होना चाहिए।” :):)
मोटिवेशनल शायरी
ग़लतफ़हमियों के सिलसिले इस कदर फैले हैं…
कि हर ईंट सोचती है, दीवार हमहीं से है…
मोटिवेशनल शायरी
जब चलना नहीं आता तो गिरने नहीं देते थे लोग….
जब से संभाला खुद को कदम कदम पर गिराने की सोचते है लोग….
मोटिवेशनल शायरी
पाना है जो मुकाम वो अभी बाकि है,
अभी तो आये है जमी पर ,आसमां की उड़न अभी बाकि है…
अभी तो सुना है सिर्फ लोगो ने मेरा नाम,
अभी इस नाम की पहचान बनाना बाकि है
मोटिवेशनल शायरी
उम्मीदों के दिए बुझाया नहीं करते
दूर हो मंजिल पर पांव डगमगाया नहीं करते
हो दिल में जिसके जज़्बा मंजिल छूने का
वो मुश्किलों से घबराया नहीं करते….
मोटिवेशनल शायरी
तुम गिराने में लगे थे तुमने सोचा ही नहीं,
मैं गिरा तो फिर से खड़ा हो जाऊंगा,
चलने दो अभी अकेला है मेरा सफ़र,
रास्ता रोका तो काफ़िला हो जाऊंगा.
मोटिवेशनल शायरी
रोने से तक़दीर बदलती नही
वक़्त से पहले रात डालती नही
दूसरों की कामयाबी लगती है आसान
मगर कामयाबी रास्ते में पड़ी मिलती नही
मोटिवेशनल शायरी
जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है
जिंदगी के कई इंतेहाँ अभी बाकी है
अभी तो नापी है मुट्ठी भर ज़मीन हमने
अभी तो सारा आसमान बाकी है…
मोटिवेशनल शायरी
जाग मे जब तू आया था,जाग हसा तू रोया था.
करनी कुछ ऐसी कर जा, जाग रोए और तू हसता जा.
मोटिवेशनल शायरी
पल पल तरसे थे उस पल के लिए,
मगर यह पल आया भी तो कुछ पल के लिए ,
सोचा था उसे ज़िंदगी का एक हसीन पल बना लेंगे ,
पर वो पल रुका भी तो बस एक पल के लिए.
मोटिवेशनल शायरी
डूपहर तक बिक गया!
बाज़ार का हर एक झूट ! और
मैं एक सच ले कर शाम तक
बैठा हे रहा…
मोटिवेशनल शायरी
एक कोशिश और कर, बैठ न तू हार कर,
तू है पुजारी कर्म का, थोडा तो इंतजार कर,
विश्वास को दृढ बना, संकल्प को कृत बना,
एक कोशिश और कर, बैठ ना तू हार कर..।।
मोटिवेशनल शायरी
होके मायूस ना यू शाम की तरह ढलते रहिए
जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिए
ठेरोगे एक पाव पर तो थक जाओगे
धीरे धीरे ही सही मगर राह पर चलते रहिए..
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